बबिता भाभी की अन्तर्वासना खत्म हुई

Antarvasna Story – हेल्लो दोस्तो मैं सिद्धारत हूँ। मेरी उम्र 24 साल है, मैं एक सरकारी जॉब करता हूँ। । मैंने अपनी जिंदगी में खूब चुदाई की लेकिन ये मेरे लिए सबसे खास था इसलिए मैंने इसे आप लोग के साथ बाटने का सोचा।आप लोग पढ़ के बताना की कैसे लगी। क्योंकि मैं पहली बार को कहानी आपलोग से शेयर कर हु वो अपनी सेक्स की।

तो अब आपका टाइम वेस्ट न करते हुए स्टोरी पे आते है। ये बात आज से 1 साल पहले की है। मैं पुणे में सरकारी जॉब करता था। मेरा घर एक अच्छे एरिया में था जहाँ सब अमीर लोग ही रहते थे। दूसरी बात की यहाँ किसी को किसी से उतना मतलब नही रहता था। मैं भी अपना टाइम से आफिस आय जाया करता था।

एक दिन हमारे एरिया के एक पति पत्नी का जोड़ा रहने आया। वो आदमी जो उसकी उम्र 40 साल होगी और वही उसकी पत्नी की उम्र 30 साल की होगी। उसकी पत्नी मिया खलीफा की तरह दिखने में लग रही थी।

वो एकदम खूबसूरत औरत थी। जिसका बदन एकदम मखन जैसा था। मतलब जब वो अपना चश्मा लगा लेती तो वो पूरी पूरी मिया खलीफा बन जाती थी। मै तो उसे पहली बार मे देख के चोदने के बारे में सोचने लगा।

उसके बूबस 36 के साइज से कम नही थे। जौसे रोड पे स्पीड ब्रेकर रहता है उसी तरह उनके सीने पे स्पीड ब्रेकर था। जिसपे हर कोई अपनी गाड़ी चलाना चाहता होगा। उसकी गांड एकदम पीछे से निकली हुई और बीच की कमर फिट थी।

वो एक आइटम बम थी जिसे मैं फोरने की सोच रहा था। वैसे तो मेरी गर्लफ्रैंड थी उसके साथ सेक्स भी करता था। लेकिन उस भाभी में जो बात थी वो कहा उसमे थी। वो सच मे मिया खलीफा की छोटी बहन लगती थी।

मैंने इधर उधर से पता किया तो पता चला कि उनके पति एक सरकारी सिविल इंजीनियर है। वो अक्सर काम के बाहर रहते थे। 2-3दिन पे घर आते थे। एक दिन मेरी नींद सुबह सुबह खुली तो मैं छत पे गया। वहाँ मैंने उसी भाभी को एक्सरसाइज करते हुए देखा।

उसे देखा तो मेरा लण्ड तो फंफना उठा। वो एकदम टाइट टीशर्ट और फिट लोअर पहन के एक्सरसाइज कर रही थी। उनकी चुचिया मानो उनके टीशर्ट से बाहर आ जये ऐसी लग रही थी। मुझसे रहा नही गया मैं तो बाथरूम गया और मूठ मारा।

अगले दिन मुझे पता चला कि वो तो बगल वाले पार्क में वॉक पे भी जाति है। अब मैं जो रोज 8बजे उठने वाला 5 बजे उठ के उसी पार्क में जाने लगा था।

एक दो दिन मैं घूमते हुए उन्हें घूरता रहा फिर एक दिन जब वो टहल के बैठी हुई थी उनके पास जाके बैठ गया। उनसे बोला कि आप तो वही हो नईं नई हमारे मोहल्ले में आती हो। फिर हमारे बीच बात चीत हुई।

उनका नाम बबिता था, वो अपने सरीर को लेके बहोत ध्यन देती है। इसलिए रोज वॉक और एक्सरसाइज करती है। अब मैं रोज वॉक पे जाने लगा और उनसे बात होने लगी थी। हमारे बीच अच्छी जान पहचान हो गई थी।

वो बोली कि यहाँ तो कोई किसी से मतलब तक नही रखता है। अकेले घर मे बोर होते रहती हूँ। मैं उनका दोस्त बन गया था और रोज उनके साथ टहल लेता था। मेरी नज़र तो उनके सरीर पे रहती थी। वो इतना टाइट कपरे पहन के आती की उनके पूरा फिगर साफ पता चलता था।

एकदिन मैं ऑफीस से आ रहा था तो रास्ते मे वो मुझे दिख गयी। मैं उन्हें बोला चलो आपको भी छोड़ दु। वो मेरे बाइक पे बैठ गयी। मैं अब जब जब ब्रेक लगा रहा था तबतब उनकी चूची मेरी पीठ में आके दब जाती थी।

कुछ देर में मैं पाउच गया वो बोली कि आप पहली बार आये हो अंदर आओ। मुझे लगा उनके पति होने लेकिन उनके घर मे कोई नही था। वो बोली क्या लेंगे आप चाय कॉफी या ठंडा।

मेरे मुह से निकल गया आपको लूंगा। वो बोली क्या मतपब मैं समझी नही, तो मैंने बात ताल दी और बोला कुछ ठंडा ही पिला दो गर्म तो आप हो।

वो बोली कि आप मज़क बहोत करते हो। कोल्डड्रिंक लेके आयी मैं कोल्डड्रिंक पी रहा था और उन्हें घूर रहा था। मेरा ध्यन नही था और कोल्डड्रिंक मेरे शर्ट पे गिर गया वो बोली कि ओह शर्ट खराब हो जयेगा। आप मेरे पति का शर्ट पहन लो और इसे जल्दी से पानी मे डाल दो।

मैंने उनके सामने ही अपना शर्ट खोल दिया। वो मेरे सरीर को घूर रही थी। वो बोली कि आपकी बॉडी तो बहोत अच्छी है। वो मेरे पास आई मेरे कंधों को छू के बोली काफी दम है लगता है।

उनके छुटे ही मानो करंट लगा हो मेरे अंदर की कामवासना जग गयी। बोला कि कभी इस दम को आजमा के देख लो। मैंने उनके कमर पे हाथ डाला और अपने ओर किचा और उन्हें किस कर दिया। वो मेरी ओर देखी और बोली बेड रूम में चले। वो बोली कि मैं आपके जैसे कि साथी के तलाश में थी जो मेरी कमी को पूरी करे। मेरे पति काम को लेके अक्सर बहार रहते है मैं घर मे अकेली रहती हूँ और मेरी सेक्स की वासना को पूरी भी नही कर पाते है।

मैंने कहा आज से मैं आपकी अन्तर्वासना मिटाऊंगा। मैंने उनकी साड़ी को नीचे किया। उनके कंधे पे किश किया। वो मुझे हग के बोली आज तुम मेरी अंदर लगी आग को बुझा दो और मेरी चूत चोद के मुझे चरम सुख दो। हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे और मैं उनकी जीभ से जीभ लगा कि चूस रहा था।

मैंने उन्हें हग किया और उनके ब्लाउज की डोरी खोली और फिर आगे से सारे बटन को खोल दिया। मैंने ब्लाउज उतार दिया।

अब मैं उनकी साड़ी उतार रहा था वो घूमती हुई बेड पे लेट गयी। उन्होंने अंदर पेटिकोट नही बल्कि बदन से चिपका हुआ पैंट पहना हुआ था। वो ब्रा और पैंट में बेड पे लेट गयी और अपने चूत को रगड़ के मुझे बुलाया।

उनकी पैंट उनके चूत के दरार में गुस गयी थी। मैंने अपना बनियान उतरा और उनके पास लेट गया। मैं उनके पैरों से चूमता हुआ ऊपर गया और उनके पैंट को निचे किचा। वो बहोत टाइट था लेकिन मैंने उसे उतार दिया।

बबिता भाभी को बोला आप अपना चश्मा पहन लो उसमे आप मिया खलीफा लगती हो। उन्होंने चश्मा पहन लिया। अब मैं उनकी ब्रा के हुक को खोला और उनके चुचियो को आज़ाद किया। दोनो चुचिया एकदम झूल रहे थे।

भाभी मेरा जीन्स खोल दी तो मैंने भी जीन्स उतार दिया। हम दोनों एकदम से नंगे हो गए थे। वो मेरा लण्ड हाथ मे ली और बोली मुझे ऐसे ही लण्ड की तलाश थी। आज मुझे चोद के खुश कर देना।

वो मेरा लण्ड लेके चुसने लगी तो मैं बोला कि मुझे भी आपकी चूत चुसनी है। तब हम दोनों 69 की पोज़ में हो गए और दोनों एक दूसरे का चुसने लगे। कुछ देर बाद भाभी बहोत गर्म हो गयी और बोली अब और तड़पाओ अब अंदर डाल दो।

मैंने लण्ड को उनकी चूत पे ले गया और लण्ड अंदर पेल दिया। एक बार मे ही पूरा लण्ड अंदर घुस गया। उन्हें कोई दर्द नही हुआ बस वो सिसकारियां ले रही थी। मैं मस्त मजे से चोद रहा था।

दोनो एक दूसरे का भरपूर साथ से रहे थे मैं उनकी चूत की बजये जा रहा था। हमारे बिच घमासान चुदाई हो रही थी। बबीता भाभी बहोत दिनों से प्यासी थी जिसे मैंने बुझा दी थी। उस रात हमने करीब 2 बजे तक सेक्स किया।

मैं उनके साथ उसी तरह सो गया। अगले सुबह फिर हमारे बिच एक सेक्स हुआ तब मैं रेडी हो वही से ऑफिस चला गया। अगले दिन फिर मैं उनकी घर गया और उस दिन भी सेक्स का भरपूर मजा उतया। अब जब जब उनके पति नही रहते तो मैं उनके घर पाउच जाता था। वही रहता था और खूब सेक्स करता था।

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