पड़ोसन भाभी के साथ रात में सेक्स का मजा

Bhabhi ki Chudai

हेल्लो दोस्तो, कैसे है आप लोग, उम्मीद करता हूँ, मजे में होंगे आप लोग। मैं आनंद आज आप सबके साथ फिर से एक नई कहानी के साथ तैयार हूँ। इस कहानी में पड़ोसन भाभी के साथ किये गए सेक्स की दास्तां है। अब जो मेरी कहानी पहली बार पढ़ रहे है उन्हें मेरा नमस्कार। मैं दिल्ली के कारोल बाग का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र अभी 26 साल है। मैं अब तक बहोत सारे लड़कियों, भाभियो के साथ सेक्स कर चुका। उन्ही में से ये एक कहानी आज आप सबके सामने पेश कर रहा हु। पढ़ के बताना की ये कहानी कैसी लगी आप सबको।

तो ये बात आज से कुछ दिन पहले की की है। वैसे तो मैं अपनी गर्लफ्रैंड के साथ रोजाना सेक्स कर रहा था। लेकिन मुझे बहोत दिनों से किसी भाभी साथ करने का मन था। दोस्तो एक बात तो है किसी लड़की से ज्यादा भाभियो को चोदने में ज्यादा मज़ा आता है। अब आपलोग बताना की आप सब को किस के साथ ज्यादा मज़ा आता है।

तो मैं तो ऐसे ही किसी भाभी के ताक में था। तो एक दिन मेरी नज़र मेरे घर के एक घर बाद वाले छत पे परी। वहाँ एक महिला हेडफोन लगा के बात कर रही थी। मैंने सोचा ये कोंन है इसे तो मैं पहली बार देख राह हूँ। उसके बाद मैं रोज छत पे जाने लगा और जब भी देखता तो वो वीडियो कॉल या कॉल पे लगी रहती थी। दोस्तो वो दिखने में नार्मल थी। लेकिन उसका फिगर गजब का था। 32 की चुचिया 34 की गण्ड और 30 कि कमर, एकदम कमसिन सोला से बदन। वो रोज टाइट सूट में रहती थी जिसमे उसका फिगर एकदम साफ पता चलता था।

उसे बात करने का कोई मौका नही मिल पा रहा था क्योंकि मेरे और उसके छत में थोड़ी दूरी थी। लेकिन मैं उसे देखने रोज शाम छत पे चला जाता था। एक दिन हमारे चौक पे दिख गयी। वो एक किराने के दुकान से सामान ले रही थी। मैं जल्दी से वहाँ गया और उसके बगल में जाके कुछ सामान लेने का बहाना करने लगा। वो वहाँ से चली गई। तब मैंने उस किरने वाले से उसके बारे में पूछा वो लड़का मेरे पहचान का ही था। तो वो बताया कि कुछ दिन पहले ही हमारे कॉलोनी में वो रहने आयी है। वो अपने सास ससुर के साथ रह रही है। उसके पति विदेश में काम करते है। मैं समझ गया कि वो अपने पति से ही दिन भर बात करते रहती है। अब मैं मैं उसके आने जाने के समय के बारे में पता करने लगा।

एक दिन जब वो किरने के दुकान पे थी यो मैं उसके बगल में गया और उसे टोक दिया। बोली कि अरे भाभी आप तो हमारे कॉलोनी में ही रहती हो न। वो बोली हा कुछ दिन दिन पहले हम आये है, क्या आप भी उधर ही रहते हो। तो मैंने बताया कि मैं उनके घर के एक घर बाद रहता हूँ और उन्हें छत पे देखा था। अब अक्सर उनके आते जाते समय उन्हें दिख जाता और वो एक स्माइल दे देती थी। उस स्माइल से तो कितनो का जान ले ऐसी स्माइल थी। अब धीरे धीरे कभी कभी उनसे हाल चाल पूछने लगा।

एक दिन भाभी बहोत भारी झोला लेक जा रही थी तभी मैं पीछे से आ गया और बोला आप इतना तकलीफ क्यों कर रही हो लाओ मैं आपको पाउच देता हूँ। उनके हाथ से झोला ले लिया और उनसे बात करते हुए चलने लगा। उन्होंने अपना नाम कविता बताया उनके पति 6महीने विदेश रहते है और 6 महीने भारत में। अभी उनके गए 2 महीना हो गया है। मैंने कहा तब तो आपका मन भी नही लगता होगा। वो बोली हा इसलिए उनसे कॉल वे बात करते रहती हूँ। क्योंकि घर मे सास ससुर के सामने बात करने में अच्छा नही लगता है। मैं बोला है आप दोनों की प्राइवेट बाते होते रहती होगी। हो हँसने लगी तबतक हम उनके घर पाउच गए थे मैं बोला कि आप मेरा नम्बर ले लो जब कभी कोई जरूरी हो तो कॉल कर लिया करना।

2 दिन के बाद उनका कॉल आया वो बोली मैं कविता हूँ। मुझे आपकी हेल्प चाहिए मैं बोला जी बोलए न, वो बोली कि हमारे घर की बिजली खराब हो गई है। मैं बोला आप रुको मैं ठीक करने वाले को लेके आता हूँ। मैं उनके घर गया तो उनके सास ससुर थे, और भाभी जी तो नाइटी में गजब लग रही थी । उस दिन के बाद से हम दोनों के बीच अच्छी बात होने लगी थी। मैं उनके ऊपर डोरे डाल रहा था। उनके साथ हसी मज़ाक करता।

हम फोन पे भी बहोत बात करने लगे और धीरे धीरे भाभी में करीब आने लगी थी। मैं तो उन्हें पटाना चाह रहा था और पटा के चोदना था। भाभी के पति रात को जॉब करते थे तो भाभी रात को मेरे से बात करती थी। मैं उसने बात करते करते सेक्स की बाते करने लगा। उन्हें बताने लगा कि मैं अपनी गर्लफ्रैंड के साथ कैसे कैसे सेक्स करता हु। ये सब सुन के भाभी के उत्सुकता बढ़ गयी थी। मैंने बात करते करते उन्हें कह दिया कि भाभी आप मुझे अच्छी लगने लगी हो।
आप चाहो तो मैं आपके पति की कमी पूरी कर सकता हूँ।

भाभी भी 2 महीने की प्यासी थी तो वो बोली कि मेरे दिल मे भी आपके लिए ऐसे ही ख्याल है। मैं समझ गया कि मेरा रास्ता साफ है। भाभी ने मुझे कहा की जब मेरे सास ससुर सो जयेंगे तब तुम पीछे के गेट से मेरे घर आ जाना। अगली रात मैं पालन के मुताबिक भाभी के घर के पीछे चला गया और उनके इसारे पे अंदर आ गया। भाभी मुझे लेके अपने रूम में गई। वो एक सेक्सी सी नएटी में थी।

मैं उनके रूम में जाते ही उन्हें कस के हग किया और उन्हें किस करने लगा। वो मेरे साथ किश करने में मसलूल हो चुकी थी। मैं उनकी पीठ सहलाता हुए उनकी गण्ड दबा रहा था। भाभी जोश से भरी हुई थी। वो दीवाल के तरह घूम गयी। मैं पीछे से उनके चुचियो को पकड़ के दबाने लगा। उनकी गर्दन पे किश किया, मेरा लण्ड खरा हो गया था और मैं उसे भाभी की गण्ड में टिका दिया था। मैंने भाभी के ब्रा के अन्दर हाथ डाला तो उनके बूबस बहोत सॉफ्ट थे। उनकी निप्पल एकदम कड़क थे। मैं एक हाथ उनकी चूत पे ले गया था। भाभी एकदम से मजे उठा रही थी।

मैंने उनको घुमाया और उनकी नएटी को निचे से उठा के खोल दिया। वो वहाँ से बेड पे जाके लेट गयी। मैंने अपने कपड़े उतरे और उनके पास चला गया। वो उस ब्लैक ब्रा पेंटी में क्या गजब की माल लग रही थी। उन्हें देख मेरा लण्ड और कर्क हो गया। वो उठी और मेरे लण्ड को अपने मुह में ले लिया। उसे चुसने लगी जैसे कोई बच्चा आईसी क्रीम कहा रहा हो। मैं भी लण्ड को पूरा पूरा अंदर दे रहा था। वो बोली कि मेरे मुह में मत झरना मुझे वो पसन्द नही है। तो जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने उनकी फेस पे सारा माल गिरा दिया। वो बाथरूम से फेस धोके आयी।

मेरा भी मन उनके चूत को चुसने का था,लेकिन उनकीं चूत पे बाल थे तो मैंने कहा सीधा अब चुदाई होगी। मैंने उनकी पेंटी और ब्रा खोल दी और उनके चुचियो के साथ खेलना सुरु कर दिया। भाभी अब एकदम गर्म हो गयी थी और मेरा लण्ड भी तैयार था उनको चोदने को , मैंने उनके टैंगो को फैला दिया और अपना लंबा लण्ड उनकी चूत में एक बार मे ही पेल दिया। उनको हलक दर्द हुआ। लेकिन वो मजे ले रही थी। आज मैं उनके 2महीना के वासना को मिटा रहा था। हमारी चुदाई 30 मिनट तक लगातार चलते रही। तब मैंने उनकी में सब माल गिरा दिया। तबतक वो भी पास्ट हो गयी थी।

उसके बाद हम दोनों एकं दूसरे के अगल अलग तरह से चुदाई का मज़ा लेने लगे। वो मुझसे चुद के बहोत खुस थी। न वो रुकने का नाम ले रही थी न मैं, दोनो एक दूसरे का साथ दे रहे थे और अन्तर्वासना को मिटा रहे थे। उस रात के बाद तो मैं हर 2 दिन पे उनके घर जाता और उनकी जमके चुदाई करता था।

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