पापा से प्लान बना के चुदवाया

Baap Beti Ki chudai Kahani – हेल्लो दोस्तो मैं सुष्मिता आज आप सभी को अपने के साथ किये गए सेक्स की बारे में बता रही हूँ। मैं भी रोजानासेक्स की कहानियां पढ़ा करती थी। मैं ज्यादा तर अन्तर्वासना और कामवासना की पढ़ा करती थी। साथ मे मुझे पारिवारिक कहानिया भी पढ़ना पसन्द है। जब भी मैं ऐसी कहानिया पढ़ती थी तो उत्सुक्त हो जाती थी। आसा करती हूं कि आपको भी मेरी कहानी पसन्द आएगी।

मेरी उम्र 18 की हो गई और बढ़ती उम्र के साथ मेरी सेक्स में रुचि भी बढ़ती चली गयी। मैं एक जवान और खूबसूरत लड़की हूँ। मेरी चुचिया बड़ी हो गयी गई है मैं बहोत सेक्सी दिखती थी। कोई भी लड़का या मर्द मुझे चोदने से न नही बोल सकता है।

मैं अपने परिवार के साथ रहती हूँ। मेरे परिवार में मेरे मम्मी पापा और मेरा एक छोटा भाई है जो अभी 14 साल का है। मैं बहोत ख़ुशी से घर मे रहती थी। घर में मेरा अपना कमरा था तो रोज रात को सेक्स की कहानियां पड़ती और चूत में उंगली करती थी। जब मेरा पानी निकल जाता था तो मुझे प्यास लग जाती थी।

एक दिन जब मैं चूत में उंगली कर ली तो मुझे प्यास लग गया मेरे रूम में पानी खत्म हो गया था। मैं पानी लेने किचन में गयी जब पानी लेके आ रही थी तो मेरे मम्मी पापा के रूम से आआह आआह ऊउफ ओऊह जान आराम से करो ऐसी आवाज आ रही थी। मैं समझ गयी कि पापा मम्मी की जोरदार चुदाई कर रहे है। मुझे अब उनकी चुदाई देखने को मन करने लगा।

मैं उनके खिड़की के एक छेद से झक रही थी। मुझे उनकी चुदाई दिखने लगी रूम की लाइट जल रही थी तो सब अच्छे से दिख रहा था। पापा का लण्ड तो काफी बड़ा था। वो भूरे रंग के और सामने से लण्ड का टोपा लाल मुझे उनके लण्ड को देख लालच आ गयी थी। मैंने अपने बॉयफ्रेंड के साथ भी सेक्स किया था लेकिन उनका लण्ड मेरे बॉयफ्रेंड से काफी मोटा था। मेरे मन में क्या हुआ कि मुझे अब पापा के लण्ड से चुदने का मन करने लगा था।

मेरा मन दुबारा उतेजित हो उठा था और मैं अपने रूम में आके दुबारा चूत में उंगली करने लगी। मैं यही सोच के कर रही थी कि पापा मेरी चुदाई कर रहे है। अब मेरे दिल मे पापा के साथ सेक्स करने की इच्छा जग गयी थी। मैं अपने बॉयफ्रेंड से चुद चुकी थी लेकिन पापा के लण्ड को देख मेरे मन अन्तर्वासना जग गयी थी।

अब उस दिन के बाद से मैं पापा से सेक्स करने का प्लान बनाने लगी थी। मैं घर मे जान के छोटे कपड़े पहना करती थी। पापा के सामने जाके जूक जाती जिससे मेरी चुचिया उनको दिख जये। तो कभी अपने रूम का गेट खोल के स्कर्ट ऊपर कर के सो जाती थी। ये सब कभी न क़भी मेरे पापा देख लेते थे। मैंने ध्यन दिया कि उनकी मेरे ऊपर नज़र रह रही है।

अब पापा भी मेरी ओर आकर्षित हो रहे थे। लेकिन कुछ होना तबतक मुमकिन नही था जबतक की मम्मी घर मे थी। तो मैंने प्लान बनाया और मम्मी को और भाई को 1 दिन के लिए नानी के यहाँ भेज दी थी। अब वो ही दिन था कि मैं पापा से चुद सकू। मैंने उस रात अब मिनीस्कर्ट और स्लीवलेस टीशर्ट पहन लिया जोकि बहोत टाइट थी। मेरी दिखने में एकदम माल लग रही थी। मुझे कैसे भी कर के पापा से आज चुदने को था।

मैंने पापा ने साथ मे खाना ख़या और मैं अपने रूम में स्कर्ट ऊपर कर के अपनी चूत के दिखाते हुए सोने का नाटक करने लगी थी। मुझे पता था कि पापा मेरे रूम में आएंगे कुछ देर में वो आ गए मुझे इस तरह देख के वो थोरे देर तो गेट पे ही रुक गए। उनकी सीधी नज़र मेरी चूत के ऊपर थी। वो मेरे पास आ गए उन्होंने मेरी चूत पे हाथ लगा दिया। उफ्फ मैं तो सिहर उठी लेकिन मैंने खुद को काबू में किया।

पापा मेरी चूत पे हाथ फेर रहे थे। मुझे गुदगुदी हो रही थी वो बरे प्यार से हाथ फेर रहे थे। मुझसे बर्दाश्त नही हुआ और मैंने आँख खोल दी। पापा डर गए वो बोले कि बेटी तुम सो रही थी गेट खुला हुआ था तो सोचा बन्द कर देता हूँ। मैं बोली पापा आप जो कर रहे थे वही करो मुझे अच्छा लग रहा था। मेरी ये बात सुन के चौक गए बोले क्या तुम जगी हुई थी। मैं बोली बस सोने ही आयी थी लेकिन आपके इस प्यार से नींद खुल गया और करो न अच्छा लग रहा था।

पापा के चेहरे पे ख़ुशी दिख रही थी वो अब मेरे चूत पे हाथ डाल के सहलाने लगे।मुझे उठा के किस करने लगे थे। उनकी उंगलियां मेरे चूत में घुस गई और वो मेरी चूत में उंगली डाल के हिला रहे थे। मैं कामवासना में डूब गई थी और पापा के साथ चुंमने मे लगी हुई थी। अब पापा मुझे किश करते हुए मेरे चूत पे चले गए और मेरी चूत को चाटने लगे। मैं उनका सर पकर के चूत में दबा रही थी।

पापा जीभ से मेरी चूत को चाते जा रहे थे। मैं अब गीली हो गयी थी मैं जोरजोर की साँसे ले रही थी। मैं उठ के पापा को चुंमने लगी पापा और मेरे होठ एक दूसरे को चूस के खुश कर रहे थे। पापा का हाथ मेरी चुचियो पे आ गया था मैं उनका सर पकड़ के किश में लगी थी। उनका हाथ मेरी चुचियो पे था । पापा मेरे पूरे सरीर पे हाथ फेर रहे थे वो धीरे धीरे मेरी टीशर्ट को ऊपर करने लगे। मेरी टीशर्ट को उतार चुके थे मैं अब ब्रा में थी।

अब उन्होंने मेरी स्कर्ट को कीच दिया पापा मेरी बदन को चूम के तृप्ति कर रहे थे। मैंने उनकी गंजी कीच दी और वो फिर उन्होंने अपनी पैंट भी खोल दी। मुझसे रहा नही गया और मैंने उनकी चडी खोल लिया। मुझे उनके लण्ड चुसने का मन हो गया था। मैंने उनकी लण्ड को सहल्या और फिर मुह में ले लिया। मैं लण्ड लेके आगे पीछे कर रही थी मैं पापा को पूरे मज़े देना चाह रही थी। पापा मेरी ब्रा में से चुचियो को निकाल के दबा रहे थे।

अब पापा बोले कि बेटी अब कर तुम्हरे अंदर इसे डाल दु मैं बोली इसी के इंतज़ार में हूँ। पापा बोले मैं कबसे तुम्हे चोदने की सोच रहा था आज मौका मिला है जी भर के चोदाउँग, अब उन्होंने मुझे बेड पे सीधा किया मेरी तांगे फैला दी और ऊपर कर दिए। उन्होंने मेरे चूत में डाल दिया मुझे बहोत मज़ा आ रहा था। मैं अपनी चुचिया पकर ली थी क्योंकि उनके झटके से मेरी चुचिया हिल रही थी।

पापा में गजब की चुदाई कर रहे थे। मुझे चर्मसुख की प्राप्ति हो रही थी। मैं तो बस ओऊह पापा फक पापा फक पापा जोर से चोदो मेरी चूत फार दो,ऐसा कह रही थी। मैं अब चर्मसीमा पे थी। उन्होंने मेरी चूत को अपने माल से भर दिया था। अब मैं पापा के ऊपर आके चुद रही थी। मेरे अंदर जितनी ताकत ठीक उतनी जोर से आगे पीछे और ऊपर नीचे कर रही थी।

उसके बाद पापा मुझे कुतिया बना के चोदने लगे थे वो थपाथप मेरी चुदाई कर रहे थे। मैं बोली चोद ले बेटीछोड अपनी बेटी को वो बोले साली तू भी तो चूड़ककर निकली मैं सोचा मेरी बेटी सील पैक होगी लेकिन तू तो पहले से चुद चुकी है। दोनो हँसने लगे मैंने बताया कि मेरा बॉयफ्रैंड मेरी चुदाई करता है लेकिन आपके वाली बात नही उसमे उसके बाद तो पापा पूरी रात मेरी अलग अलग तरह से चुदाई करते रहे।

हम दोनों एक दूसरे के साथ देते रहे थे। जब दोनी थक के चूर हो गए तो वैसे ही सो गए अगली सुबह मम्मी के आने से पहले एक बार और चुदाई कर दी मेरी उस दिन के बाद से हमे जब भी मौका मिलता दोनो सेक्स का लुफ्त उतया करते थे।

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