लॉकडाउन में बेटा ने कामवासना को शांत किया – Kamvasna

Kamvasna Lockdown Mein Chudai – नमस्ते मित्रो मैं आज 2020 कोरोना काल मे लॉकडौन में की गई सेक्स की कहानी आप सभी हिन्दी सेक्स स्टोरी पढ़ने वालो के सामने लिखने वाली हूँ। मैं गरिमा चौधरी, मेरी उम्र 38 साल है लेकिन मैं अभी भी हसीन जवान हूँ। लड़के और मर्द मेरे पीछे लगे रहते है। मेरी बड़ी बड़ी चुचिया और मोटी गांड देख किसी भी मर्द के मेरे साथ संबोग़ करने को मन करेगा। ये स्टोरी जो मैं आप सभी तो बताने जा रही हूँ वो मैंने लॉकडौन में अपने बेटे के साथ कि थी।

तो ये बात तब सुरु हुई जब पूरे देश में लॉकडौन हो गया और सभी अपने घर मे बन्द हो गए थे। वैसे तो मेरे पति में साथ खूब सेक्स करते है इतना कि मैं सहन नही कर पाती। लेकिन लॉकडौन होने के 2 दिन पहले मेरे पति सहर से दूर 2 दिनों के लिए गए हुए थे। तभी लॉकडौन हो गया और मेरे पति वही फस गए। अब मैं मेरे घर मे मेरी एक बेटी और बेटे के साथ थी। मेरी बेटी 15 साल की है और बेटा 17 साल का है। मेरा तो पति के बिना मन ही नही लग रहा था।

वो जब मेरे साथ होते तो रोज रात को मेरी चुदाई कर देते थे। मुझे लण्ड लेने आए नशा सा हो गया था। अब वो वहाँ तड़प रहे थे और मैं यहाँ, मैं तो बस अब उंगलियां कर के खुद को सांत कर रही थी। कभी कभी तो मन करता कहि बहार जाऊ और किसी गैर मर्द से संबंध बना लू। लेकिन मैं इस लॉकडौन मे कहि जा भी नही सकती थी। ऊपर से कही किसी को पता चला तो बहोत बदनामी होगी।

रोजना की तरह एक दिन हम सब अपने रूम में थे। तभी मैं अपने बेटे के रूम से गुजरी उसका गेट थोड़ा सा खुला हुआ था वो मोबाइल के कुछ देख रहा था और अपने लण्ड को निकाल के हिला रहा था। मैं तो उसके लण्ड को देख के देखती रह गयी। मेरे बेटे का लण्ड एक जवान मर्द की तरह था। वो करीब 6 इंच लंबा होगा और काफी मोटा भी था। उस वक़्त मैंने उसे लण्ड हिलाने दिया और वहाँ से आ गयी।

लेकिन अब मेरे दिमाग ये आ गया था कि मैं अब अपनी कामवासना अपने बेटे के साथ खत्म कर सकती हूँ। मेरे बेटे का लण्ड मुझे सांत कर सकता था। उस रात के बाद से मैंने अपने बेटे से नजदीकी बढ़ने लगी। मैं उसे गले लगा ली और उसके मुह को अपने चुचियो मे दबा दिया। ये चीज़ सायद उससे भी अच्छा लगा था। कभी कभी मैं अपना जिस्म के दर्शन करवा देती थी। वो भी बारे गौर से देखता था।

एक रात मैं अपने रूम में चूत में उंलगी कर रही थी तभी मेरे बेटे ने गेट नॉक किया। उस वक़्त तो मेरे अंदर अंदर सेक्स की आग लगी हुई थी जिसे मैं उंगलियों से सांत कर रही लेकिन जो चीज़ लण्ड में है वो उंगली कभी कहा कर सकती है। वो बोला क्या कर रही हो मम्मी मैं बोली बस तुम्हरे पापा को याद, इतने दोनो से मैं अकेली हूँ।

मैं बोली कि तुम तो अब बरे हो गये तुम समझ सकते हो मेरी भी कुछ इच्छा होती होगी। वो बोला मैं कुछ समझा नही मैं बोली कि जैसे तुम रोज रात खुद के कामवासना को सांत करते हो उसी तरह मैं भी सांत कर रही थी।

मेरी बात सुन के वो सहम गया उसे लगा कि मम्मी ने उसे मरते देख लिया है। तब मैं बोली डरो नही मैं समझ रही तुम भी जवान हो रहे हो तुम्हे भी करने का मन करता होगा। तुम ऐसा करो तुम मेरे अकेले पन के सहारा बन जाओ मैं तुम्हरे दिल को खुश कर दूंगी। वो मेरी बातो से हैरान हो गया कि मम्मी बोल रही है।

मैं बोली इधर आओ वो मेरे पास आया मैंने बगल में बिठा के बोला अब तुम बी मेरे इस अकेल पन को दूर कर सकते हो। अभी जब तक लॉकडौन है तब तक तो तुम्हरे पापा भी नही आ सकते न मैं किसी गैर मर्द के साथ संबंध बनाना चाहती हूँ। घर की बात घर मे ही रहेगी। वो चुपचाप मेरी बातें सुन रहा था।

मैंने उसके लण्ड को पकड़ लिया वो अभी सांत था उसका हाथ लेके मैंने अपनी ब्लाउज में डाल की बस उसके लण्ड में कड़क होने लगा। मैं बोली सरमाये नही और अपने माँ को खुश कर दो। फिर मैंने उसे लेता के बेटे के साथ किश करने लगी। मेरा बेटा अब जोश में आ गया और वो मेरी ब्लाउज को खोलने लगा।

उसे मेरी चुचिया चाहिए थी। मैंने ब्लाउज खोला और ब्रा भी खोल के फेकि। बेटा मेरा मेरी चुचियो को दबा रहा था। मेरी चुचिया इतनी बड़ी है कि उसके हाथ मे नही आ सकता था। इसलिए वो दोनों हाथों से दबा रहा था।

कुछ देर में वो मेरी बदन को चूमता हुआ मेरी साड़ी को भी उतार चुका था। वो मेरे ऊपर बैठा हुआ था मैं उसका बनियान खोली और उसे अपनी ओर किचा उसके सरीर को चुंमने लगी। मैं उसे बेड पे लिटा दी और उसके पैंट को खोल के नीचे फेका और लगी उसके लण्ड को चुसने मैं पूरा अंदर तक ले रही थी जिससे उसे ज्यादा मज़ा आये।

मैंने बहोत दिनों से चूत के बाल नही साफ किये थी इसलिए उसे चूत चाटने को नहीं बोला। लेकिन अब मेरा मन चूत के लण्ड लेने को था।

मैं बेड पे लेती और बोली बेटा अब तू अपनी माँ के चोद दे। मेरे बेटे ने मेरे चूत पे लण्ड डाल के धका दिया। लण्ड फिसलता हुआ सीधा अंदर चला गया। वो पूरे जोश में मेरी चूत को चोद था। मैं उसे बोल रही चोद चोद और जोर से चोद अपनी माँ को आज उसकी कामवासना को सांत कर दे।

मैं ऐसा बोल के उसे उकसा रही थी और उसका धके और जोर के लगते थे।
वो मेरी 20 मिनट के चुदाई करता रहा। तब हम दोनों एक साथ झर गए थे। मेरे ऊपर ही एओ लेट गया था।

थोरे देर बाद हमारे बीच फिर से चुम्मने की प्रक्रिया सुरु हुई। वो बोला की अब पीछे से करूँगा मैं लेट गयी और उसे लण्ड डाल के पेलना सुरु कर दिया। ऐसा करते हुए उस रात मैं अपने बेटे से चुद के खुद की कामवासना को सांत किया।

जब तक मेरे पति नही आये तब तक मेरा बेटा मेरी चूत की आग को बुझा रहा था। अब भी जब मेरे पति नही रहते है और मेरे बेटे को सेक्स का मन करता है तो आके कर लेता है।

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