लॉकडाउन में मिली चाची की चूत

Hindi Sex Stories – हेल्लो दोस्तो कैसे आप सब लोग, आसा करता हु की अछे होंग और खूब चुदाई का मज़ा भी ले रहे होंगे। मेरी पिछली कहानी गर्लफ्रैंड के साथ पहला सेक्स आप सबको खूब पसन्द आयी। इसलिए आज मैं आप सबको एक नई कहानी बताने वाला हु। इस कहानी में मैंने कैसे अपनी चाची की चूत लॉकडौन में चोद ली।

जो लोग नए है वो उनको मैं आप अपना परिचय दे दु। मेरा नाम अतुल है। मेरी उम्र अभी 21 साल है। मैंने अभी तक बहोत सारी लड़कियों और औरतों को चोद चुका हूँ। तो बात ये कुछ दिन पहले की है। जब पूरा देश लॉकडौन की वजह से परेशान तब मैं अपनी चाची की चूत के मज़े ले रहा था।

हुआ यूं कि मैं तो दिल्ली में रहता हूं। लेकिन मेरे छोटो वाले चाचा और चाची, चंडीगढ़ में रहते है। लॉकडौन होने से मतलब 21 मार्च को मैं अपने चाचा के यहाँ गया था। लेकिन किसी पता था कि पूरे देश मे लॉकडौन होने जा रहा है। मैं वहाँ गया और कल होक लॉकडौन स्टार्ट हो गया। अब तो मैं वही फास गया, क्योकि अब घर से बाहर भी नही जा सकता था। तो अब मैं वही चाचा के यहाँ रह रहा था।

अब वहाँ न कोई दोस्त न कही आना जाना। चाचा भी जॉब पे चले जाते थे। क्योंकि वो बैंक मैनेजर थे, तो लॉकडौन में भी उन्हें तो जाना ही था। घर पे अब बस मैं चाची और उनका 1 साल का बेटा था। तो मैं गुड्डू को ही खिलता और चाची के साथ टाइम स्पेंड करता।

कुछ दिन तो ऐसे ही बीत गए। लेकिन अब मेरा मन नही लग रहा था, क्योंकि मेरी चूत की तलब जग रही थी। मैं दिल्ली में हर हफ्ते एक बार सेक्स जरूर कर लेता था। लेकिन यहां तो चूत नसीब हो रही थी। अब घर मे सिर्फ चाची थी तो उन्ही से बात करता था, मैं अपनी बात उन्हें बताया करता, वो मुझे अपनी बातें।

हम दोनों आपस मे काफी घुल मिल गए थे और बहोत खुल के बात करते थे। एक दिन हम ऐसे ही बात कर रहे थे तो बातो बातो में चाची ने मुझसे पूछा तुम्हरी कोई गर्लफ्रैंड नही है क्या। मैं बताया एक नही दो दो गर्लफ्रैंड है। तब वो बोली कि दोनों सिर्फ नाम के है या कुछ किये भी हो। मैं भी सरमाया नही बोल दिया कि मैं दोनो के साथ सब कुछ कर चुका हूँ। चाची बोली वाह इतनी सी उम्र में दो दो के साथ बाजी मार ली। मैं मन ही मन सोच रहा था आपको क्या पता कि अभी तक मैंने कितनो की सील टोरी है और कितनो की चूत फार दी है।

उस दिन के बाद से मेरा ध्यन चाची के ऊपर आ गया। मेरे मन मे आया क्यों न इस लॉकडौन मे चाची की चूत मार ली जाए। अब तो मैं बस चाची को चोदने की सोचने लगा। क्योकि मेरी चूत मारने की तलब बढ़ रही थी। और मेरी चाची थी भी सेक्सी की कोई उनकी चूत चोदने के लिए न नही बोले। उनकी बड़ीबड़ी चुचिया, एकदम मोठे और उभरे हैं गण्ड, उनका फिगर 34″30″36 से कम नही होगा। साथ मे चाची सुन्दर भी थी। लेकिन मुझे कोई मौका या पहले करने को नही मिल रहा था।

एक दिन हुआ कि चाचा तो 10बजे चले गए, थोरे देर बाद मैं चाची के रूम में गया तो चाची गुड्डू को दूध पिला रही थी अपने चुचियो से, मैं बिना नॉक किये अंदर चल गया और मेरी नज़र उनकी चुचियो पे ठीक गयी। चाची ने झट से अपने पल्लू से ढक लिया। मैं उनकी ओर देखा तो वो उदास लग रही थी। उनसे पूछा कि क्या हुआ आपका मुह लटका हुआ है। तो वो बोली कुछ नही, जब से लॉकडौन हुआ है तुम्हरे चाचा तो मेरे ऊपर ध्यन ही नही दे रहे है।

मैं बोला कि क्या दिकत है आप मुझे बताओ, मैं पूरा कर दूंगा। वो बोली तुम वो कमी पूरी नही कर सकते न। मैं बोला आप बोल के तो देखो कोई कसर नही रहेगी। मेरे बहोत जिद करने के बाद वो बोली कि चाचा तो बहोत दिनों से कुछ कर ही नही रहे। गुड्डू के होने से पहले तो हमेसा लगे रहते थे लेकिन अब उनका मन ही नही करता। मैं समझ गया कि जो आग मेरे अंदर लगी है वो चाची के अंदर भी लगी हुई है।

मैंने उन्हें कहा आप आज मुझे मौका देखे देखो आपकी सबकी कमी दूर कर दूंगा। चाची बोली नही अतुल आखिर मैं तुम्हरी चाची हूँ। मैंने कहा कि चाची इस 7 इंच के डंडे को 2 इंच के छेद दिखता है, कोई रिश्ता नही। चाची कुछ न बोली मैंने उनके गोद से गुड्डू को लेके झूले में रख दिया, और उनके बगल में बैठ गया। मैं चाची की आखों के चाची मेरी आँखों मे देखे जा रहे थे। तभी मैंने चाची के होंठ प होठ रख दिया और उन्हें चूमन लगा। चाची भी मेरा साथ दिए जा रही थी। उनके अंदर की गर्मी साफ पता चल रही थी कि वो कितनी प्यासी है।

चाची मेरा टीशर्ट उतार दी और मेरे सीने को चूमने लगी, उन्होंने मेरे सीने पे काट भी लिया। मैं चाची के ऊपर क्या टूटता वो मेरे ऊपर टूट पड़ी। मैंन उनका पल्लू हटा के ब्लाउज को खोलने लगा। उसके बाद मैं धीरे धीरे सारी उतार रहा था और वो गोल गोल घूम के उतरने दे रही थी। मैंने उनका पेटीकोट और ब्लाउज उतार दिया।

अब तो वो बस ब्रा पेंटी में मेरे सामने खड़ी थी। मुझे उनके बरे बरे चुचियो को देख रहा नही गया और मैं उनकी ब्रा को खोल दिया। पहले तो मैंने खूब दबाया उसके बाद मैंने उनका दूध पीना शुरू कर दिया। उनकी चुचियो को चूस चूस के पिये जा रहा था। मैंने उनके निपल को इतना चूसा की दोनों निपल सूज गए थे। तब चाची ने बोला कि सिर्फ तुम ही चुसोगे ये मुझे भी कुछ मिलेगा। मैं समझ गया और झट से अपना पैंट खोल दिया और अपना खरा लण्ड उनकी मुह में दे दिया। मैं बेड पे उल्टा हो गया और उनकी पेंटी खोल के उनकी चूत को चाटने लगा। मैं तो थोरे देर में झर गया उनकी मुह में लेकिन चाची तो चूत मुँह में दिए जा रही थी थोरे देर में वो भी झर गयी।

मैं फिर से उनकी चुचियो को चुसने लगा, क्योंकि दूध वाली चुचिया मुझे पहली बार मिली थी। वो बोली अब और न तड़पाओ अंदर डाल भी दो। बस मैंने भी लण्ड उनकी चुट में पेल दिया। वो करह उठी और उइ मा पेल दिया रे फिर तो मैं पेले जा रहा था और चाची लण्ड2लिए जा रही थी। उनके मुह से आह आह ओएह फ़क मी फक मी कर रही थी। पूरे रूम में चुदाई की आवाज गूज रही थी। 20मिनट बाद मैं और चाची दोनो साथ मे झर गए। किसी चूत में साथ मे माल गिरा देने का मज़ा गजब का है। उसके बाद तो न मैं रुकने का नाम ले रहा था न ही चाची। जब हम थक के चूर हो गए तब हमने चुदाई को रोका।

उस दिन के बाद से तो हमारे बीच चुदाई का सिलसिला लगा रहा। मैं उनके यह 2 महीना लॉकडौन में रहा तबतक तो उन्हें चोद चोद रंडी बना दिया। मुझे मजबूरी में आना पड़ा। तबतक मैं उनकी अन गिनत बार चुदाई कर चुका था। तो कैसी लगी मेरी स्टोरी जरूर बताना और मिलते है अगले स्टोरी में। फिर किसी रोमांचक सेक्स स्टोरी के साथ।

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