लॉकडौन में बहन की चुदाई – part 2

Lockdown Sex Story – हेल्लो दोस्तो आज मैं फिर से हाजिर हूँ एक नई कहानी के साथ, ये मेरी खुद के की सेक्स की पहली कहानी है जो मैंने लॉकडौन में अपने बहन के साथ किया है। इससे पहले कहानी में मैंने बताया था कि कैसे मेरे बहन कैसे अपने बॉयफ्रैंड के साथ सेक्स की मैंने उसकी वीडियो बना ली थी।
अब उस रात तो मैंने उसे कुछ नही ख़या लेकिन अगली सुबह मेरे मन मे बस अपनी बहन रचना को चोदने की तलब मची हुई थी।

अगली सुबह जब मेरी बहन सोके उठी उस दिन भी मेरे मम्मी पापा रात को आने वाले थे। हमने साथ मे नास्ता किया अब मैंने उसकी वीडियो को टीवी में लगा दिया। वो अचानक से हाल में आ गयी ये सब देख के तो वो चौक गयी। वो चुप चाप खरी रह गयी वो कुछ बोल नही रही थी बस सर निचे कर के खड़ी थी।।

मैंने उसकी ओर देख के बोल रचना ये सब क्या है। इस विडिओ में तो तुम हो वो बोली भाई तुमने ये क्यों किया तुम्हे शर्म नही आई अपनी बहन के ऐसी वीडियो बनाने में, मैंने कहा जब तुम घर मे मेरे होते हुए किसी को बुला के चुद रही हो तो शर्म नही आई। अब पापा को आने दे मै ये सब पापा को दिखता हूँ।

वो बोली नही भाई ऐसा नही करना नही तो पापा मुझे घर से निकाल देंगे। तुम जो बोलोगे मैं वो करने को तैयार हूँ। मैंने कहा समजदार हो आप कल रात जो तुमने सुनील के साथ किया है वो आज तुम्हे मेरे साथ करना होगा। मैं आज तुम्हे चोद के खुद के अपने अंदर की अन्तर्वासना को सांत करूँगा। वो बोली कैसी बात कर रहे हो मैं तुम्हरी बहन हूँ। तुम अपनी के साथ ऐसा करने को सोच रहे हो।

मैं बोला सोच नही रह करूँगा वो अभी अभी रचना कहने लगी ऐसा नही करो। मैंने कह दिया कि अगर तुम नही मानी तो मैं ये पापा को दिखा दूंगा। वो रोने लगी बोली ठीक है जैसा तुम कहोगे मैं करूंगी। मैंने कहा तो ठीक है जाओ और अपने रूम में अच्छे से तैयार होके रहना। तबतक मैंने घर के गेट खिड़की को बन्द कर दिया।

कुछ देर बाद मैं एक्ससिटेड होते हुए रचना के रूम में गया तो वो एक सेक्सी सी नाईट ड्रेस के थी। उस ड्रेस में तो वो क्या खूब खूबसूरत बल लग रही थी। मैंने उससे पूछा कि ये ड्रेस कब ली तुमने तो वो बतायी की उसके बॉयफ्रेंड ने उसे दिया है। जब पहली बार वो बॉयफ्रैंड के साथ सेक्स करने उसके घर गयी थी तो यहीं पहनने को बोला था। इसलिए उसने बोला कि ये तुम्हरे लिए भी पहन लिया।

अब मैं रचना के पास गया मैंने उसकि कमर पे हाथ डाल के अपनी ओर किचा और उसे किस कर लिया। दोनो के होठ एक दूसरे से लग गए थे। मैं रचना की होठ को चूस रहा था। मैं किस करता हुआ उसके साथ बेड पे जा गिरा। रचना मेरे ऊपर आके गिरी फिर भी हम दोनों किश कर ही रहे थे। मैं रचना की पीठ को सहला रहा था।

अब मैं उसे बेड पे लिटा दिया और उसले गर्दन पे किश करता हुआ नीचे आया। उसकी चुचिया को दबाया रचना की ईश निकली मैं बड़े प्यार से उसे चूमता हुआ उसके पैर के पास पाउच गया। उसकी नएटी ऊपर कर के उसके घुटनो से चूमता हुआ उसकी जांघो के बीच से उसकी चूत की धार में चला गया। रचना ने अंदर काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी।

अब मैंने अपना कपड़ा खोलना सुरु किया। मैंने अपने सारे कपरे खोल दिये मैं बहोत जोश में था मुझसे रुका नही जा रहा था। अब मैं रचना की नएटी को उतार फेका। वो अब लाल ब्रा और ब्लैक पैंटी में थी। मैं अब बेड पे लेट गया और उससे बोला कि अब मेरा लण्ड चुसो रचना अब उठ के मेरे निचे आ गई। वो बोली भाई तेरा लण्ड तो सुनील से भी मोटा तगड़ा है।

मुझे लगता था कि सुनील के लण्ड से मोटा लण्ड नही हो सकता है। लेकिन तेरा तो उससे भी ज्यादा मोटा है। भाई अपनी बहन पे रहम करने थोड़ा आराम से करना। मैं बोला हा चल ठीक है पहले चूस के इसे खुश तो कर। रचना अब लण्ड को मुह में लेके चुसने लगी। वो लण्ड को अपने मुह में पूरे अंदर तक लकें जा रही थी।

वो काफी तेजी के लण्ड को अंडर बहार कर रही थी। वो लण्ड चुसने के साथ साथ मेरा मूठ भी मार रही थी। मुझसे बर्दाश्त नही हुआ और मैंने उसकी मुह में ही सारा माल छोड़ दिया। उसने जल्दी से सारा माल बाहर थूक दिया। बोली कंट्रोल नही होता तो मुह में क्यों दे दिया। वो बाथरूम से मुह धो के आयी। मैंने बोला जब सुनील तेरे चेहरे पे गिरा दिया था तब दिक्कत नही हुआ। अब नौटंकी कर रही हो वो बोली तो बहार था तुमने तो अंदर ही झार दिया।

मैंने बोला चल अब आओ तेरी चूत के दर्शन करू। उस दिन हम दोनों भाई बहन के बीच कोई भी सरम लिहाज नही रह था। दोनो एक दूसरे को गाली दे रहे थे। वो तो मुझे बस बहनचोद बोल रही थी कह रही थी साले अपनी अपने को चोदने जा रहा है। अब मैंने भी उसकी पैंटी को खोल दिया और फिर उसकि चूत कल रात की चुदाई से सूजी हुई थी।

मैंने उसकी चूत पे जीभ रख दिया। वहा से हल्का नमकीन से स्वाद आया मुझे अच्छा नही लग रहा था उसका चूत चाटना लेकिन वो मेरा सर लेके चूत में दबा रही थी। लेकिन मैंने मुह को हटाया और बोला ली अब अपना दूध दे मुझे, मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया। जब रचना की बूबस को पकड़ा तो वो बहोत सॉफ्ट थे। एकदम मुलायम मैं तो उसे पकर के जोर जोर से दबा रहा था और उसकी निप्पल को चूस भी रहा था।

रचना मौन कर रही थी बोली भाई अब डाल दो अब रहा नही जा रहा। मेरा लण्ड भी खड़ा हो गया था। मैंने उसकी टांगे फैला दिया और लण्ड को उसकी चूत पे लगा कि अंदर डाल दिया। रचना के मुह से जोर से आआह आआह निकली बोली भाई धीरे तेरा लण्ड बहोत मोटा है। दर्द हो रहा मुझे लेकिन मैंने भी नही सुना और उसकी जोर जोर से चुदाई सुरु कर दी। वो तो बस आआह आआह हाये उह ओह ऊफ कर रही थी।

मैं अपनी ताकत से उसकी चूत चोदने में लगा हुआ था। हम दोनों को सेक्स करते हुए 20 मिनट हो गया और दोनो साथ मे झर गए। मैं रचना की चूत में झर गया था। वो बोली साले अंदर जो गिरा दिए हो अब दवा लाके तुहि देना। मैंने कहा ठीक है लेकिन अभी तो चुदाई का मज़ा ले ले।
दोनो हँसने लगे और किस करना सुरु रखे कुछ ही देर मेरा मूड फिर से बन गया।

अब मैंने रचना को पीछे घुमा के उसकि पीछे से चुदाई करने लगा। तब मेरा ध्यन उसकी गांड पे गया मैंने बोला क्या कभी सुनील ने तुम्हरी गांड भी मारी है। वो बोली नही मैंने कभी मारने नही दी है। मैंने बोला तो ठीक है आज मै मारूंगा वो बोली नही मैंने बोला सोच ले मना की तो वीडियो अभी भी दिखा सकता हूं। वो बोली मार ले बहनचोद गांड भी मार ले।

मैंने लण्ड चूत से निकाल के गांड में डाल,लेकिन गांड बहोत टाइट था लण्ड ठीक से अंदर नही गया और वो जोरजोर ओह्ह आआह करने लगी थी। मैंने एक जोर का धका दिया और लण्ड अंदर घुस गया। वो बेड पे मेरे झटके से लेट गयी और बस आआह आआह करने लगी बोली मार डाला रे गांड मार ली। वो लेती रही मैं रचना की गण्ड मरता रहा। वो तो बस हया ऊफा आआह छोड़ दे भाई बोल रही थी।

कुछ देर उसकी गांड मारने के बाद मैं उसकी गांड में झर चुका था। उसके बाद कुछ कुछ देर के अंतराल पे मैं रचना की अलग अलग तरह से चुदाई करता रहा। पूरे दिन से लेके साम तक रचना की कर्मतोड़ चुदाई की थी मैंने, जब मैं तक गया तो तो उसके साथ वैसे ही लेट गया था। फिर पापा के आने समय हो गया तो दोनो कपड़ा पहन के घर को ठीक किए। रचना की तो हाल खरब हो गयी थी उसे तो ठीक से चलने में नही हो रहा था। उसने खुद को काबू किया और किसी को पता नही चला।

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