पति फौज में पत्नी सविता भाभी मौज में

Savita Bhabhi Sex Story – सभी हिन्दी सेक्स स्टोरी पढ़ने वालों को मेरा नमस्कार है। मैं रोजाना इस वेबसाइट पे कामवासना , भाभियो की , आंटी की कहानी पढ़ता हूँ। तो मैंने भी भी सविता भाभी के साथ सेक्स किया तो सोचा आप सब के साथ शेयर की जये।

मेरा नाम विनय है,मैं शिमला में अपनी पत्नी के साथ रहता हूँ। मैं पेसे से एक वकील हूँ। हम एक रियासी इलाके में रहते है। हमे वहाँ रहते हुए 2 साल हो गए थे। एक दिन हमारे सामने एक फैमिली रहने आयी, उनके परिवार में एक उनके पति पत्नी एक 2 साल की बेटी के साथ रहने आयी थी।

वो फैमिली एक पंजाबी फैमिली थी। पति फौज में थे तो वो उन्हें शिफ्ट करवा के चले गए। मैं जब उस पंजाबन भाभी को देखा यो होश ही उर गया। वो एकदम मस्त भाभी थी मतलब एकदम सुन्दर गोरी चीटी दूध से दुला हुआ बदन। बरे बरे चुचिया मस्त सी गांड और पतली कमर देख तो मन मचल जये।

उनकी 2 साल की बेटी थी लेकिन कोई देख के कह नही सकता था कि 2 साल की बेटी वाली भाभी है। मैं तो सोच रहा था कि अभी भाभी ऐसी दिखती है तो जब 18 कि होगी तो उसमें क्या कहर धा देती होगी। मैं घर के बालकॉनी में था और भाभी कपरे पसार रही थी। उन्होंने मेरी ओर देख के स्माइल किया। मैंने भी उन्हें हए कर के स्माइल दिया।

मैं उस दिन शाम को बाहर निकला तो भाभी अपने गेट पे खरी थी। उन्होंने मुझे इशारा किया कि आने को मैं गया तो वो बोली कि घर मे बिजली की दिक्कत है कोई मैकेनिक के बारे मे पता है आपको तो बताये। हम यहाँ नए आये है तो कोई जानकारी नही है मैं बोला देखु क्या दिक्कत है वो अपने घर अकेली थी। बस उसकी बेटी खेल रही थी।

मैंने देखा तो बोला ये तो मैं ठीक कर सकता हूँ। मैं ठीक करने लगा वो बोली मैं आपके लिए चाय बनाती हूँ। लाइट आ गयी हम साथ मे चाय पी रहे थे वो बोली सुक्रिया मेरी मदद करने के लिए। मैंने कहा इसमे सुक्रिया की क्या बात है हम पड़ोसी है आप मेरी भाभी की तरह हो। आप को कोई दिक्कत हो तो मैं पूरा करूँगा।

उस दिन के बाद से हमारे बीच जान पहचान बढ़ गयी थी। वो अक्सर हमारे घर आया करती थी। एक दिन हुआ कि मैं काम से आया तो देखा गेट लॉक है। मैंने अपने पत्नी को कॉल किया तो बोली कि मैं दोस्त के यह आ गयी हूँ आपको बोलना भूल गयी। मुझे आने में कुछ देर लगेगा।मैं गेट पे इंतेज़ार करने लगा। तभी भाभी मुझे देखी तो बोली ऐसे क्यों खरे है।

मैंने बताया ऐसी बात है तो वो बोली तब तक मेरे यहाँ आके बैठ जाओ। मैं चला गया मैं उनके साथ बाते कर रहा था। तभी बातो में वो बोली कि कितना अच्छा तुम दोनो साथ मे रहते हो। मैं यहाँ अकेली अधूरी हूँ। मैं बोला ऐसा क्यों बोल रही आप हम है न। वो बोली सब कमी आप पूरा नही कर सकते न। मैंने कहा आप बोलो तो क्या दिक्कत है।

वो बोली अब तुम समझ सकते ही जिसके पति इते दिन सिमा पे रहते है वो कैसे रहती होगी। मैं भी औंरत हूँ मेरा भी मन कर करता है। मैं समझ गया कि भाभी सेक्स को लेके बोल रही थी। तभी मैंने बोला कि कभी इस देवर को मौका दो सभी कमी दूर कर सकता है। वो मेरी बात सुन के कुश हो गयी। मेरे पास आई मेरे गोद मे बैठ गयी।

बोली लो दे दिया मौका खुश कर दो। उनकी गांड मेरे लण्ड पे थी मेरा लण्ड खरा हो गया था। मैंने उन्हें सोफे पे बिठा दिया। उनके होठ पे होठ रख दिया। भाभी उस दिन ब्लू सारी में वैसे भी बवाल लग रही थी। उनका पल्लू हटाया और उनकी चुचिया दबा दी। उनके गर्दन पे चूम यो कभी सीने पे चुम लिया।

हम दिनों किश करते हुए उनके रूम में चले गए। जहाँ उनकी बेटी थी। उन्होंने मेरा शर्ट खोला मैंने उनकी ब्लाउज की बटन को खोल दिया। मैंने उनका ब्लाउज किचा वो बेड पे जाके लेट गयी। वो वाइट ब्रा में थी। मैं पीछे से जाके उनके पीठ पे चुम लिया। उनकी कमर पे कस के दबाया।

मैं उन्हें उतया उनकी साड़ी को उतारने लगा। वो घूमती गयी मैं उनका साड़ी खोलता गया। मैंने उनकी पेटिकोट को नीचे किचा वो ब्लैक पैंटी में थी। उन्होंने मेरी पैंट को खोल रही थी। वो नीचे बैठ गयी पैंट को निचे किया चडी में से लण्ड को निकाला। उन्होंने जट से लण्ड मुह में ले ली और चुसने लगी थी।

मैंने पैंट चडी को हटाया उन्हें बेड पे लेके गया। वो फिर मेरा लण्ड लेके चूस रही थी। मैंने अब उनकी ब्रा को खोल दिया और उनकी पैंटी भी उतार दिया। भाभी नंगी होके हुस्न की बला लग रही थी। मैं अब उनकी चूत को चाटने लगा। वो मुझे बेड पे लेता दी। मेरा ऊपर बैठ गयी चूत को मेरा मुह पे रख दिया। मुझे बहोत अजीब लग रहा था। लेकिन भाभी खूब मजा ले रही थी।

मैंने उन्हें हटा दिया उनकी चुचियो को दबाने लगा था। दोनो चुचियो 2-2 किलो की होगी। अब वो बोली कि देर नही करो अंदर डाल दो तुम्हरी बीवी आ जयेगी। मैंने अब उनकी चूत पे गया लण्ड चूत में डाल दिया। उनके मुह से ईश निकली बोली आज मुझे चोद के मेरी मेरी कामवासना को सांत कर दो। मैंने भी लगातार धके देने लगा।

वो मेरी पेलने से खुश लग रही थी। अब भाभी मेरे ऊपर आ गयी थी वो अपनी चुचियो को पकड़ के मेरे लण्ड पे कूद रही थी। उनकी मोडहोश आवाज मुझे मज़ा दे थी। मैं जब झरने वाला था तो उनकी चुचियो पे सारा माल गिरा दिया। वो मेरे चुदाई से संतुष्ट लग रही थी। मेरी बीवी अब आने वाली थी।

भाभी बोली अभी तो जाओ लेकिन अपने इस भाभी को खुश करने के लिए आते रहना। उसके बाद से तो मैं मौका ताक के उनके घर गुस जाता था। भाभी को मज़े देते रहता था। जबतक उनके पति नही आये तबतक उनकी कमी को पूरा कर के कुश करता रहा।

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