किरायेदार की बीवी को साथ सेक्स की कहानी – Antarvasna Sex Story

नमस्कार मित्रो मेरा नाम मदन दास है। मेरी उम्र अभी 40 वर्ष है। सरीर से मैं काफी हटा कटा हु, एकदम गठीला सा शरीर है मेरा, मैं आज तक बहोत सारे चुदाई की कहानी पढ़ चुका हूं। तो सोचा क्यों न अपनी भी जीवन की एक रोमांचक चुदाई की कहानी आप सब को बतानी जये। ये कहानी मेरे मकान में रहने आयी एक किरियेदार की है। जिसके साथ मैंने सेक्स किये और खूब मज़े लिए। मेरा मकान दिल्ली शहर में है जहाँ मैं अपनी फैमिली के साथ रहता हूं।

मेरा मकान दो महले का है तो पहले महले पे हम खुद रहते थे, और दूसरे महले पे मैं किराये पे दिया करता था। कुछ दिन पहले की बात है हमारे मकान में एक पति पत्नी रहने आये। मेरा मकान भी खाली था यो हमने उन्हें दे दिया किराये पे। यह कहानी आप Bhabikichudayi.online – Antarvasna Sex Story पर पढ़ रहा है.

हमारे मकान में जो किरिये पे आये थे , उनकी नई नई सदी हुए थी। उसका नाम राकेश था, वो करीब 30 साल का होगा। वो बैंक में जॉब करता था।उसकी पत्नी का नाम सुनीता था जिसकी उम्र 26-27 वर्ष होगी। जोकि एकदम दिखने में माल थी। उसकी फिगर ऐसे की किसी भी मर्द का ईमान ढोल जये। जब वो पहली बार आये तभी से मेरा मन उसके ऊपर आ गया था।

वो लोग मेरे मकान में रहने लगे, कुछ है दिनों में वो हमारे फैमिली से अचे तरह से घुल मिल गए थे। राकेश मुझे भैया कहता था और मेरी पत्नी को भाभी, और उनलोग का हमारे घर मे आना जाना लगा रहता था।

तो अब बात कुछ ऐसे सुरु हुई कि, गर्मियों के महीने आ गया और मेरे बचो के स्कूल में छुटी हो गयी। तो वे लोग नानी के यहाँ जाने की जिद करने लगे। तो मैंने कहा ठीक मैं तुमलोग को छोड़ आऊंगा क्योंकि मेरा आफिस खुला हुआ। अगले है दिन मैं बचो और अपनी पत्नी को पहुचाने चल दिया। जाते वक्त मेरी पत्नी सुनीता को कह गयीं की मेरे खाने का ध्यन रखने। हम कुछ दिनों के लिए गांव जा रहे है। वो बोली आप आराम से जाओ कोई दिक्कत की बात नही।

उसके बाद मैं रोज सुबह और शाम उनके घर मे ही खाना खाया करता था। रोज राकेश मुझे बुला लेता और हम साथ मे खाते थे। मेरे दिमाग मे आया अभी मेरी फैमिली भी नही और राकेश भी बैंक चला जाता है इसका मतलब सुनीता अकेले रहती होगी। अभी है मौका है इसे चोदने का। उसके अगले दिन मैंने आफिस से छुट्टी ले ली। सुबह राकेश के साथ नास्ता किया और अपने घर मे आ गया। और राकेश के जाने का इंतज़ार करने लगा।

कुछ देर बाद वो चला गया मै थोरे देर अपने घर मे ही रहा। उसके बाद मैंने देखन सुनीता नहा के छत पे कपड़े पसरने जा रहा रही है। मैं एक भीगा कपड़ा लिया और छत पे चला गया। सुनीता ने मुझे देखा बोला भैया आज आप आफिस नही गए। तो मैंने कह दिया नही वो मेरी आज तबयत कुछ ठीक नही लग रही थी तो आफिस से छुट्टी ले लिया । उसने कहा आप बोलो तो मैं आपको कोई दवा दू। मैंने कहा नही बस थोड़ा सेर भरी है अगर तुम कोई दिक्कत न हो एक कप चाय बना दो। मैं तबतक अपने रूम में आराम करता हु।उसने कहा ठीक है आप आराम किजये मैं चाय बना के लाती हु।

उसके बाद मैं अपने घर मे चला गया और उसके आने का इंतजार करने लगा। कुछ देर बाद उसने आवाज लगई, मैंने कहा गेट खुला हुआ है अंदर आ जाओ। वो अंदर आगयी, उसे देखते है मेरे लण्ड में हलचल मचने लगी। उसने ब्लू कलर की सारी पहनी हुई थी। जिसमे उसकी पतली कमर दिख थी ऊपर से बिंगहे हुए बाल, क्या सेक्सी लग रही थी जी मे आया कि अभी पटक के पेल दु। यह कहानी आप Bhabikichudayi.online – Antarvasna Sex Story पर पढ़ रहा है.

उसके बाद उसने चाय रखा तो मैं देखा एक है कप चाय है तो मैंने कहा मैं अकेले चाय पियूँगा और तुम तो कहने लगी। मैं नही पियउँगी आप पियो तो मैं जिद करने लगा कि अगर तुम नही पियोगी तो मैं भी नही पीने वला मैं अकेला चाय नही पिता हु। वो बोली दिन के समय मैं चाय नही पीती हु। तो मैंने कहा अच्छा पीना न सही साथ बैठ के कंपनी दे सकती हो न। अब आज घर पे अकेला हु तो मन भी नही लग रहा आफिस में समय बीत जाता था रात को आता तो सो जाता था। तो उसने कहा है कोई दिक्कत नही। मेरा भी मन नही लग रहा, भाभी रहती थी तो उनके साथ बैठ के बाते करती थी। तो मैंने बोला तो आज मेरे साथ बाते कर लो।उसके बाद मैं चाय पीने लगा उससे बात करने लगा।

मैंने बातो बातो में उससे पूछ दिया तुम्हरे सादी को कितने साल हो गए।। तो वो बोली 2 साल, मैंने कहा 2 साल हो गए अबतक कोई बच्चा के बारे में नही सोचा, तुम्हरे राकेश के बीच कुछ हुआ या नही। तो वो सरमा गयी और बोली अभी हमने बच्चे के बारे में नही सोचा है।

उसके बाद वो जाने लगी तो मैंने कहा थोरे देर और बैठो न अभी तो कोई काम भी नही तुम्हे घर मे, वो फिर बैठ गयी।। मैंने बोला मेरी पत्नी नही तो मन भी नही लग रहा, मै तो हर दो दिन पे उसके साथ करता था। वो बोली मैं कुछ समझी नही, मैंने कहा अभ तुम भी सादी सुदा हो। तुम्हे तो पता होगा जब एक बार सेक्स होता है तो उसके बाद आदत हो जाती है। उसने कुछ नही बोला और अपने नज़रे नीचे कर ली। फिर मैंने पूछा क्या राकेश तुम्हरे साथ रोज करता है। तो वो कहने लगी आप कैसी बात कर रहे है। यह कहानी आप Bhabikichudayi.online – Antarvasna Sex Story पर पढ़ रहा है.

मैं बेड से उठ गया और उसके बगल में बैठ गया बोला अब तुम्हे भी पूरा एक्सपेरिंस है एक मर्द में कैसी तलब होती है। मेरी पत्नी इतने दिनों से नही है और कहा मैं हर एक दो दिन पे अपनी पत्नी के साथ सेक्स करता था। तो बोली आप कहना क्या चाहते है। मैं बोला अभी मेरे घर मे कोई नही राकेश भी बैंक में है। तुम चाहो तो नए लण्ड का स्वाद चक सकती हो। वो नही मैं ऐसी वैसी नही हु, मैं बोला तुम तुम घबराओ नही ये बात सिर्फ हम दोनों के बीच मे रहेगा।

वो कुछ बोलती उससे पहले मैने उसे बेड पे लिटा दिया। और उसके ऊपर आ गया उसके हाथों को पकड़ लिया और उसे किस करने लगा । पहले तो उसने मेरा विरोद किया लेकिन कुछ है देर में वो मान गयी। उसके बाद मैंने उसे खरा किया और उसकी पल्लू नीचे किया। उसके गर्दन पे चूमा कंधे पे चूमा और चूमता हुआ उड़के नाभि के पास पाउच गया। उसके बाद मैंने उसकी सारी खोल दी।

वो मेरे सामने ब्लाउज और पेटीकोट में थी। मैंने पहले अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसे बोला मेरा लण्ड चुसो। वो बिना माना किये निचे बैठ के मेरा लण्ड चुसने लगी। वो बोली आपका लण्ड राकेश से मोटा है और लंबा भी है। वो लगातार ऐसे है चुस्ती रही और मैं उसके मुँह में ही झर गया। यह कहानी आप Bhabikichudayi.online – Antarvasna Sex Story पर पढ़ रहा है.

उसके बाद मैंने उसे खरा किया और उसके ब्लाउज और पेटीकोट को खोल दिया। वो ब्लैक कलर की ब्रा और पेंटी में थी क्या लग रही थी, वो एकदम मॉडल की तरह, मैंने देर न करते हुए उड़के ब्रा को भी खोल दिया और उसके चुचियो को दबाने लगा। मैं उसकी चुचियो को इकदम निचोड़ रहा था। कभी चूस रहा था तो कभी दबा रहा था। सुनीता एकदम मदहोश हो चुकी थी, और पूरे माज़े ले रही थी।

उसके बाद मैंने उसकी चूत पे हाथ डाला तो देखा उसकी पैंटी गीली हो चुकी है। मैंने उसकी पैंटी उतरी और उसे बेड पे लिटा दिया और उसके चूत को चाटने लगा। वो अब एकदम गर्म हो चुकी थी और चुदने के लिए तड़प रही थी। वो बोली अब और न तड़पाओ दाल भी दो।

उसके बाद मैंने उसके चूत पे लण्ड रख दिया और उसके टांगो को अपने कंधे पे रख दिया, एक बार में है पूरा लण्ड घुसा दिया। वो बोली आराम से फार दोलोगे क्या, मैं उसकी एक न सुना और टाबर तोर चुदाई करने लगा। वो आह आह किये जा रही थी, और पूरा माज़े ले रही थी। उसके मुँह से निकल रहा था ओ मय जान फ़क मी, और आह आह की आवाज पूरे घर में आ रही थी। यह कहानी आप Bhabikichudayi.online – Antarvasna Sex Story पर पढ़ रहा है.

करीब 30 मिनट के चुदाई के बाद मैं झरने वला था तो मैंने उससे कहा गिरा दु। तो वो बोली अंदर नही गिरना और फिर मैंने अपना लण्ड निकला और उसकी नाभि पे सारा माल गिरा दिया। उसके बाद हमने अलग अलग पोज़ में 4 बार चोदा। तबतक 5 बजने वला था तो वो कपड़े पहन के चली गई। जाते वक्त मैंने उससे कहा कल फिर चाय लेके आ जाना। और वो है के चली गयी।

उसके बाद एक हप्ते तक मेरी बीवी नही आई और मैं रोज दिन में सुनीता को चोदता रहा। यह कहानी आपको कैसी लगी आप हमे जरूर बताये|

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