मौसी की बेटी को जम के चोदा

Antarvasna Hindi Sex Story – मैं राहुल आप सभी हिन्दी सेक्स स्टोरी पढ़ने वालों को मेरा नमस्कार है। मैं आज सभी के साथ एक सेक्स की अपनी सच्ची कहानी आप सब के साथ शेयर करना चाह रहा हु। मैं पहली बार कोई सेक्स की स्टोरी लिख रहा हूँ। क्योंकि की ये स्टोरी मेरे लिए बहोत खास है। जिसमे मैंने अपनी मौसेरी बहन के साथ सेक्स किया।। लिखने में कोई गलती हो तो माफ करना।

मैं सिक्किम में अपने फैमिली के साथ रहता हूँ। मेरे फैमिली में मैं मेरी छोटी बहन, मम्मी और पापा है। मेरी उम्र अभी 21 साल है। यही सिक्किम में मेरी एक गर्लफ्रैंड भी है जिसके साथ मैं सेक्स के भरपूर मज़े ले रहा था। मैं रोजाना सेक्स स्टोरी भी पड़ता हूँ लेकिन ये जो सेक्स मैंने किया तो मैंने भी लिखने का सोचा। तो अब मैं स्टोरी पे आता हूँ।

एक दिन मैं मम्मी पापा के साथ बाजार में था। तभी मेरी मम्मी की दूर की एक बहन मिल गयी वो अपने फैमिली के साथ घूमने आयी थी। उनके साथ उनके पति और उनकी बेटी थी। मेरी मम्मी की बहन होने से मेरी तो वो मौसी लगी।

मैंने उन दोनों को प्रणाम किया, उनकी बेटी जिसका स्नेहा था। वो क्या गजब की लड़की की थी थी तो वो लड़की लेकिन दिखने में वो एक औरत की तरह थी। मतलब की उसका बदन किसी औरत की तरह हो गया था।

बरे बरे बूबस मोती चौरी गांड और एकदम सेक्सी से कमर पूरी तरह से वो एक हॉट माल थी। जिसे देख किसी का मन उससे प्यार करने का नही बस चोदने को करने लगे।

मेरी मम्मी और पापा उसने जिद करने लगे कि इतने दिनों बाद आये हो अब हमारे घर चलो। बहोत कहने के बाद वो मान गए और हम सब घर आ गए। अब मौसा मौसी और मेरी मम्मी पापा तो बात करने में लग गए।

काफी ठंडी पर थी थी तो वो लोग वाइन भी पीने लग गए। मेरी मम्मी बोली कि तुम स्नेहा को घुमाओ बाते करो ये तुम्हरी मौसेरी बहन लगेगी। लेकिन मैं यहाँ मन ही न तो उसे घूरे जा रहा था और उसे चोदने की खुले आखों से सपने देख रहा था।

वो मुझे पहली ही नज़र के भा गयी थी। मेरी नज़र तो उसकी चुचिया और गांड पे थी। उससे बात करते हुए पता चला की वो तो मेरे से छोटी है।

उसे देख के कोई कह नही सकता था कि वो 19 साल की है। वो 22-23 की लग रही थी। उसके सरीर के बनावट से पता चल रहा था कि वो सेक्स भी कर चुकी होगी। उसकी गांड पीछे से निकल गयी थी जौसे उसकी किसी ने गांड मारी हो।

उसका फिगर 34″30″36 का होगा। एकदम भरा हुआ बदन वो दिखने में ज्यादा सुन्दर नही थी लेकिन भी मैं उसकी ओर आकर्षित होता जा रहा था। मैंने सोच लिया कि आज अब चाहे जो हो मैं तो इसे चोद के रहूँगा।

सब साथ मे खाना खये और सोने चले गए। मौसी मौसा एक अलग रूम में गए और स्नेहा मेरी बहन के साथ सोने चली गयी। मैं अपने रूम में तो आ गया लेकिन मेरे मन मे खलबली मची हुई थी। मैं उठा और बहन के रूम में चला गया। दोनो अलग अलग कंबल में थे।

मैं स्नेहा के कंबल में जाके लेट गया। वो सोई नही थी उसने आँख खोल दी मैंने उसका मुह डाब दिया। एक हाथ से उसके बूब्स को जोर से दबा दिया वो सिहर उठी। उसमें इसरा किया कि हाथ हटाओ वो कोई ऐसी प्रतिक्रिया नही कर रही थी जिससे उसे कोई दिक्कत हो तो मैंने भी हाथ हटा दिया।

वो धीरे से मेरे कान में बोली क्या करने आये हो यहाँ तुम मैं बोला तुम्हरे साथ सोने तुम्हरे बदन की गर्मी को लेने आया हूँ। वो बोली कि बगल में तुम्हरी बहन है यहाँ से पहले चलो।

मैं उसे लेके अपने रूम में आ गया। वो रूम में आते ही बोली कि तुम जो मेरे साथ कर रहे थे अगर ये मैं किसी को बता दु तो, मैं बोला कि अब आज तुम जिसे भी बोल लेकिन मैं तुम्हरे साथ सेक्स किये बिना नही रह सकता हूँ।

तुम्हरी इस सेक्सी बदन ने मुझे पागल कर दिया और मैं तुम्हरे साथ सेक्स करना चाहता हूँ। वो बोली कि जिस तरह तुम रूम में आ गए थे अगर तुम्हरी बहन जग जाती तो।

मैं बोला कि अब मैं उन सब के बबारे में कुछ नही सोच रहा बस मेरे दिल दिमाग मे तुम हो। फिर वो बोलू की लेकिन मैं तुम्हरी बहन हूँ। मैं बोला तुम कोई अपनी बहन नही दूर के रिश्ते की बहन हो यहाँ तो लोग अपने बहन के साथ सेक्स कर लेते है।

वो बोली ठीक लेकिन किसी को कुछ पता नही चले और हमे सब बहोत शांति से करना होगा। फिर वो बतायी की उसका बॉयफ्रेंड है लेकिन बहोत दिनों से वो सेक्स नही की है जिससे उसका भी मन है।

अब हम दोनों एकदूसरे को चुंमने लगे थे। उसके होठ मोठे थे तो मुझे ज्यादा मज़ा नही आया। मैंने उसकी टॉप को खोल दिया और उसकी लोअर को भी उतार दिया। वो ब्लैक ब्रा पेंटी में और भी गजब दिख रह थी।

जिससें मेरे लण्ड में और भी उतेजना बढ़ गयी। मैंने अपना सारा कपड़ा उतार दिया। स्नेहा के साथ मैं कम्बल में आ गया। मैंने रूम हीटर ऑन कर लिया क्योंकि ठंड बहोत थी। अब मैं उसके बदन को वो मेरे बदन को चूम रही थी। उसका बदन बहोत गर्म था।

मैं उसे हग कर के उसके पैर में पैर डाल के उसके साथ गर्मी बाट रहा था। मैं अपना हाथ पीछे ले गया और उसकी ब्रा को खोल दिया। मेरा एक हाथ उसकी पेटी के अंदर गया। उसकी चूत के अंदर से आग फेक रही थी। उसने भी मेरा लण्ड पकड़ लिया और हिलाने लगी थी।

मैं उसकी चुचियो को चूस रहा था और वो मेरे लण्ड को हिलाए जा रही थी। साथ मे मैं उसकी चूत में उंगली भी पेल रहा था। वो एकदम मदहोश हो गयी थी और बोली कि अब बर्दास्त नही हो रहा अब अंदर डाल दो।

मैंने भी उसके ऊपर आ गया उसकी पैंटी को पूरा खोल के नीचे किया। उसके चूत पे हल्के बाल थे। मैं अब लण्ड उसकी चूत रख के अंदर पेला और एक बार मे ही लण्ड पूरा अंदर चल गया और उसे बिल्कुल भी दर्द नही हुआ।

मैं उसे चोदे जा रहा था था और वो बोली रही और वो बोल रही थी और जोर से करो। मैं समझ गया कि ये भारी चूड़ककर है इसके अब पूरे दम सम से पेलना होगा। जोकि मैं चाहता था जब भी मैं अपनी गर्लफ्रैंड पे जोर से पेलता वो रोने लगती और मुझे रुकना पड़ता था। लेकिन आज मैं पूरे जोश में चुदाई करने वाला था।

मैंने अब उसकी टैंगो को ऊपर उतया और और लण्ड अंदर डाल के दमदार चुदाई करने लग गया। जिससे उसे भी बहोत मजा आ रहा था। वो भरपूर चुदाई का लुफ्त उठा रही थी। उसके बाद हमारे अंदर गर्मी भर गई थी।।

हमने कंबल हटा दिया और एकदम जोश भारी चुदाई हो रही थी। कुछ देर बाद मैं झरने वला था तो वो बोली कि अंदर नही गिरना तो मैं लण्ड निकल के उसकि नाभि में सब रस गिरा दिया।

कुछ देर मैं आराम किया किया मैं जोर जोर से हाफ रहा था। तबतक मैं उसकी चुचियो को दबा रहा था। उसकी चुचिया एकदम मस्त गोल मटोल और निपल एकदम कड़क थी। कुछ देर बाद मेरा लण्ड खड़ा हो गया। वो बोली कि अब मैं ऊपर आती हूँ।

वो मेरे ऊपर आयी तो उसका वजन काफी भारी था वो मोती नही थी लेकिन उसका सरीर एकदम भरा हुआ था। मेरे लण्ड को अपने चूत में डाल के चुदने लगी थी। कभी आगे पीछे तो कभी ऊपर नीचे कर रही थी। उसके अंदर गजब की ऊर्जा थी वो मेरे सीने अपना वजन डाल के मेरे लण्ड पे कूद रही थी।

मुझे आज तक ऐसी चुदाई का मजा कभी नही मिला था। उसके जोश को देख मैं होश खो बैठा था। मुझे पता ही नही चला कि मैं झरने वाला हूँ और मैं उसके चूत के अंदर ही झर गया। मेरा लण्ड अब सांत हो गया था लेकिन उसके अंदर की आग नही बुझी थी। उसने बोला कि क्या किया इतने में ही पास्ट हो गए वो भी अंदर ही। अब मुझे दवा लेने होगा।

अब वो मेरे सांत हुए लण्ड को चुसने लगी और खरा करने लगी। वो लण्ड चुसने में भी प्रोफेशनल थी। कुछ देर बाद मेरा लण्ड खरा हो गया और अब मैं सोच लिया कि अब इसे चोद की इसकी चूत फार देनी है। मैं बेड के नीचे गया उसकी टांग को कंधे पे डाला और लगा उसे जोर जोर धके देने। मेरे इस चुदाई से उसे अब दर्द होने लगा ।

वो आआह आआह ओह ऊह दर्द हो रहा है बोल रही थी। वो अब बोली कि धीरे नही फट जयेगी। लेकिन मैं पूरे जोश के साथ पेलने में लग गया था। वो झर गयी और उसके चूत से पानी निकल रहा था। जिसे पूरे रूम में अलग ही आवाज आने लगी थी। 30 मिनट के बाद मैं भी उसके चूत अंदर छूट गया।

कुछ देर हम ऐसे ही लेते रहे वो बोली कि आज तक उसकी ऐसी ठुकाई किसी ने नही की थी। मेरे इस चुदाई से वो बहोत खुस थी। वो बोली अब तुम जब भी हमारे शहर आना मुझसे जरूर मिलना और मेरे सेक्स जरूर करना। कुछ देर बाद वो कपड़ा पहन के अपने रूम में चली गई। अगले सुबह वो लोग चले गए। मेरे लिए ये सेक्स यादगार बन गयी।

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